मुंबई। (प्रतिनिधि) – पालघर जिले में राज्य परिवहन सेवा में कर्मचारियों और बसों की कमी को दूर करने के लिए, परिवहन मंत्री और पालघर जिले के संयुक्त संरक्षक मंत्री प्रताप सरनाइक की अध्यक्षता में विधानसभा में आयोजित एक बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोइसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विलास तारे ने बताया कि इस बैठक में अगले 2 वर्षों में पालघर जिले के लिए कुल 200 नई अनुसूचित जनजाति बसें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
इस बीच, विधायक विलास तारे ने कहा कि पालघर जिले के विभिन्न अनुसूचित जनजाति डिपो में कर्मचारियों और बसों की भारी कमी के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने 10 फरवरी, 2026 को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक को एक ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर तत्काल बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद, 5 मार्च, 2026 को विधान भवन में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पालघर जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से 200 नई बसें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

इस निर्णय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 90 बसें और वित्तीय वर्ष 2027-28 में 110 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, इन बसों को जिले के विभिन्न डिपो में आवश्यकतानुसार वितरित किया जाएगा और यह निर्णय लिया गया है कि पालघर डिपो के लिए 10 बसें, सफाले के लिए 10, वसई के लिए 15, अरनाला के लिए 15, दहानू के लिए 5, जव्हार के लिए 15, बोइसर के लिए 10 और नालासोपारा के लिए 10 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि संभागीय कार्यशालाओं और संबंधित डिपो में रिक्त पदों को अगले 3 महीनों के भीतर पूरी क्षमता से भरा जाए।
इस अवसर पर विधायक विलास तारे ने मंत्री सरनाइक का ध्यान 21 फरवरी 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार की ओर दिलाया, जिसका शीर्षक था “परीक्षा के लिए पिकअप वाहनों में 10वीं-12वीं कक्षा के छात्रों की खतरनाक यात्रा”। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में छात्रों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा प्रदान करने के लिए मानव विकास मिशन के तहत ‘गांव से विद्यालय’ तक मुफ्त बस सेवा शुरू करने पर भी चर्चा हुई। इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने छात्रों के लिए ‘गांव से विद्यालय’ तक मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
विधायक विलास तारे ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से पालघर जिले के यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों की दैनिक यात्रा में आने वाली कठिनाइयां काफी हद तक कम हो जाएंगी। ए. तारे ने आगे कहा कि छात्रों को सुरक्षित परिवहन सुविधाएं मिलने से उनकी शिक्षा में भी काफी योगदान होगा।
