Report by : Dilip
असम में ₹526 करोड़ के निवेश वाली अनेक जलमार्ग परियोजनाओं का शुभारंभ किया
मुंबई/गुवाहाटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में पांडु बंदरगाह को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जोड़ने वाले एक अत्याधुनिक एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने बिश्वनाथ घाट पर क्रूज टर्मिनल की आधारशिला रखी और डिब्रूगढ़ के बोगीबील में रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र) तथा निमाटी में क्रूज टर्मिनल का भूमि पूजन किया। ब्रह्मपुत्र नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-2) पर अंतर्देशीय जलमार्गों के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली इन चार परियोजनाओं में कुल ₹526 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रसिद्ध निमाटी घाट और बिश्वनाथ घाट पर आधुनिक क्रूज़ टर्मिनल बनाने का काम भी आज से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह केवल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं है, बल्कि ये असम में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पर्यटन को सिर्फ दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि उसे रोजगार और विकास के बड़े अवसर के रूप में देखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी विचार के साथ ब्रह्मपुत्र नदी में भी, वॉटर टूरिज्म की संभावनाएं बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्रूज टर्मिनल बनने से ब्रह्मपुत्र पर क्रूज संचालन का का काम आगे बढ़ेगा और देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए असम तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। जब क्रूज टूरिज्म बढ़ेगा तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को नया बाजार मिलेगा। छोटे दुकानदारों, नाविकों, होटल और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘असम में टूरिज्म अब सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, यह स्थानीय विकास और जन-समृद्धि का नया इंजन बन रहा है।’’
यह कार्यक्रम गुवाहाटी के ज्योति-बिष्णु ऑडिटोरियम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी का ये मानना है कि अंतर्देशीय जलमार्ग, यात्रियों और माल के परिवहन के लिए पर्यावरण-अनुकूल और किफायती माध्यम के रूप में अपार संभावनाएं रखते हैं। उनके नेतृत्व में, पूर्वोत्तर राज्यों में कनेक्टिविटी और विकास का एक नया दौर शुरू हुआ है; यह टर्मिनलों, जेटियों और जलमार्गों से जुड़े बुनियादी ढांचे के माध्यम से संभव हुआ है, जो लोगों की आजीविका को बदल रहा है और भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के प्रति संकल्प को और गहरा कर रहा है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, वे विकसित और आपस में जुड़े पूर्वोत्तर के लिए प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी ने वह कर दिखाया है जो दशकों के शासन में नहीं हो पाया था, उन्होंने पूर्वोत्तर को केवल संभावनाओं वाले क्षेत्र से प्रगति के क्षेत्र में बदल दिया है। ब्रह्मपुत्र अब केवल एक नदी नहीं रह गई है। उनके नेतृत्व में, यह लाखों लोगों के लिए अवसरों का राजमार्ग बन रही है। उनके कुशल नेतृत्व में, अंतर्देशीय जलमार्गों को परिवहन के सबसे किफायती और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में बदला जा रहा है। इन्हें सुदृढ़ बनाने से भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे विकास के नए अवसर खुल गए हैं।’’
