डोंबिवली, गुढी पाडवा के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के डोंबिवली शहर में आयोजित नववर्ष स्वागत यात्रा इस बार भव्यता और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आई। इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहा नेहरू मैदान में स्थापित की गई 150 फीट ऊंची विशाल ‘महागुढी’, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

भाजपा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इस भव्य गुढी को “विशाल हिंदुत्व और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है।
डोंबिवली में नववर्ष स्वागत यात्रा का यह 28वां वर्ष था। इस सांस्कृतिक पहल की शुरुआत श्री गणेश मंदिर संस्थान के माध्यम से की गई थी, जिसका उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। चव्हाण ने इस पहल का श्रेय भाजपा और संघ परिवार से जुड़े आबासाहेब पटवारी और सुधीर जोगळेकर को दिया, जिन्होंने इसे एक मजबूत सांस्कृतिक और राष्ट्रवाद की भावना को प्रस्तुत किया।

इस वर्ष की शोभायात्रा में दो विशेष झांकियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ये झांकियां ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष पर आधारित थीं। इन झांकियों के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इसके साथ ही, “क्रांतिकारी देशसेवक” थीम पर आधारित वेशभूषा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 5 साल के बच्चों से लेकर 75 साल के बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेता को 25,000 रुपये और उपविजेता को 15,000 रुपये की नकद राशि के साथ अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस पूरे आयोजन में डोंबिवलीकरों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि परंपरा और देशभक्ति का संगम समाज को एक नई ऊर्जा देता है।
