महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स 2026 का भव्य समापन

~ अमोल पालेकर को मेटा 2026 लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया ~

मुंबई, 28 मार्च 2026: महिंद्रा समूह द्वारा स्थापित और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा प्रस्तुत महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा) के 21वें संस्करण का समापन नई दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में एक भव्य अवॉर्ड्स नाइट के साथ हुआ, जिसके साथ भारत की समृद्ध और विविध थिएटर परंपराओं के इस यादगार संस्करण का एक ख़ूबसूरत समापन हुआ। 

19 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित मेटा 2026 ने कमानी ऑडिटोरियम और श्रीराम सेंटर को जीवंत सांस्कृतिक मंचों में बदल दिया, जहां चयनित 10 नाटकों ने भारतीय रंगमंच की विविधता और सृजनात्मकता को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। ये प्रस्तुतियां 20 राज्यों, 100 से अधिक शहरों और 60 भाषाओं-बोलियों से आई 422 प्रविष्टियों में से चुनी गई थीं, जिनमें पौराणिक, सामाजिक, राजनीतिक और साहित्यिक विषयों का समृद्ध संगम देखने को मिला।

कमानी ऑडिटोरियम और श्रीराम सेंटर में रोज़ाना आयोजित प्रस्तुतियों के माध्यम से मेटा 2026 ने कलाकारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने ज्यूरी और थिएटर प्रेमियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाई। यह फ़ेस्टिवल थिएटर की उत्कृष्टता को पहचान देने वाले एक प्रमुख और समावेशी मंच के रूप में उभरा। इस अवसर का मुख्य आकर्षण अमोल पालेकर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करना रहा, जिन्होंने भारतीय थिएटर को अधिक सुलभ, आत्मीय और प्रयोगधर्मी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अवॉर्ड्स नाइट के उत्सवी माहौल में ‘TĀL FRY’ की प्रस्तुति ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया। इस म्यूजिकल समूह ने विभिन्न वाद्य यंत्रों और आकर्षक लाइट डिजाइन के साथ कर्नाटक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने शाम में नई जान फूंकते हुए भारतीय परफॉर्मिंग आर्ट्स की विविधता और गतिशीलता को प्रभावी ढंग से उजागर किया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और कल्चरल आउटरीच के हेड जय शाह ने कहा, “मेटा 2026 ने एक बार फिर भारतीय थिएटर की प्रतिभा और रचनात्मक साहस को उजागर किया है। इस वर्ष देशभर से आई विविध कहानियों और प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि थिएटर सोच को प्रेरित करने, संवेदनशीलता बढ़ाने और सार्थक संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अमोल पालेकर के जीवनभर के योगदान को सम्मानित किए जाने को सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।”

टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और फ़ेस्टिवल प्रोड्यूसर संजॉय के. रॉय ने कहा, “ने कहा कि मेटा 2026 ने भारतीय थिएटर की असाधारण विविधता और मज़बूती का उत्सव मनाया। सात दिनों में फ़ेस्टिवल ने दस उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को मंच पर लाकर भाषाओं, परंपराओं और समकालीन विषयों की समृद्ध झलक पेश की। उन्होंने कहा कि अवॉर्ड्स नाइट केवल समापन नहीं, बल्कि उन कलाकारों, डिज़ाइनरों, लेखकों और निर्देशकों का उत्सव भी है, जो भारत में कहानी कहने और प्रस्तुति की सीमाओं को लगातार विस्तार दे रहे हैं।”

महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा) के फ़ेस्टिवल प्रोड्यूसर टीमवर्क आर्ट्स के सीनियर वाइस प्रसीडेंट सूरज ढींगरा ने कहा, “महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा) के फ़ेस्टिवल प्रोड्यूसर और Teamwork Arts के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सूरज ढींगरा ने कहा कि मेटा 2026 एक संतोषजनक यात्रा रही, जिसने देशभर के रंगकर्मियों को एक मंच पर लाया। उन्होंने बताया कि इस फ़ेस्टिवल की खासियत केवल विविध कहानियां नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने में लगने वाला अनुशासन, सहयोग और समर्पण भी है। यह आयोजन जहां पहचान का मंच है, वहीं कलाकारों, दर्शकों और पेशेवरों के बीच संवाद को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों का आभार व्यक्त करते हुए इसे भारतीय थिएटर का जीवंत और यादगार उत्सव बताया।”

अवॉर्ड्स शो में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड सहित विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को सम्मानित किया गया। ‘मिथ्यासुर’ के लिए उजागर ड्रामेटिक एसोसिएशन और वेद सत्पथी को बेस्ट प्रोडक्शन का पुरस्कार मिला, जबकि ‘जे जनलगुलोर आकाश छिलो’ के लिए सौरव पलोधी को बेस्ट डायरेक्टर और स्टेज डिजाइन का सम्मान मिला। बेस्ट ओरिजिनल स्क्रिप्ट का पुरस्कार ओ.टी. शाजहान और प्रणय पांडेय (‘धोमी किथा किथा धोमी’) तथा ‘मिथ्यासुर’ को दिया गया। बेस्ट एक्टर इन ए लीड रोल (फीमेल) में टुर्ना दास (‘जे जनलगुलोर आकाश छिलो’) और दुशा (‘समथिंग लाइक ट्रुथ’) को सम्मानित किया गया, जबकि बेस्ट एक्टर इन ए लीड रोल (मेल) का पुरस्कार मारियो बारज़ाघी को ‘द ओल्ड मैन एंड द सी – कथकली ऑफ मॉरो’ के लिए मिला। सपोर्टिंग रोल (फीमेल) में इप्शिता चक्रवर्ती सिंह (‘कादंबरी’) और सपोर्टिंग रोल (मेल) में साहिल आहूजा (‘मिथ्यासुर’) को सम्मान मिला। ‘वाई – व्हाट रिफ्यूज़ेस टू फेड’ के लिए संदीप यादव को बेस्ट लाइट डिजाइन, ‘चांदनी रातें’ के लिए कैज़ाद घेरडा को साउंड और म्यूज़िक डिजाइन, और ‘करुणाष्टके’ के लिए आशीष देशपांडे को कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला। ‘जे जनलगुलोर आकाश छिलो’ को बेस्ट एंसेंबल और ‘धोमी किथा किथा धोमी’ के लिए ओ.टी. शाजहान को बेस्ट कोरियोग्राफी का सम्मान दिया गया। इस अवसर पर अमोल पालेकर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाज़ा गया, जबकि ज्यूरी स्पेशल मेंशन के तहत अभिजीत के. आर. और वृद्धि‍यान दासगुप्ता को ‘द ओल्ड मैन एंड द सी – कथकली ऑफ मॉरो’ और ‘जे जनलगुलोर आकाश छिलो’ के लिए सम्मानित किया गया।

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