~ चीनी, एथेनॉल और बायोएनर्जी क्षेत्र में एआई-आधारित बदलाव को दी नई दिशा ~
मुंबई, 16 अप्रैल 2026: फाइंडेबिलिटी साइंसेज ने शुगर, एथेनॉल एंड बायोएनर्जी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 (SEIC 2026) के साथ एक्सक्लूसिव टेक पार्टनर के रूप में साझेदारी की है। यह कदम भारत के चीनी, एथेनॉल और बायोएनर्जी क्षेत्रों में एआई-आधारित परिवर्तन को गति देने की दिशा में कंपनी की भूमिका को और मजबूत करता है।

ऐसे समय में जब भारत अधिक दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा मार्गों और स्मार्ट औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, यह साझेदारी फाइंडेबिलिटी साइंसेज और स्टोमाटा लैब्स को इस महत्वपूर्ण चर्चा के केंद्र में लाती है कि कैसे कृषि एआई, प्रोसेस इंटेलिजेंस और प्रेडिक्टिव डिसीजन-मेकिंग के माध्यम से खेत से फैक्ट्री तक पूरे क्षेत्र का आधुनिकीकरण किया जा सकता है।
फाइंडेबिलिटी साइंसेज के वाइस प्रेसिडेंट एवं जनरल मैनेजर (सीओई) मंदार कुलकर्णी ने कहा, “हमने वर्षों तक ऐसे एआई समाधान विकसित किए हैं जो वास्तविक फैक्ट्री वातावरण और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में प्रभावी रूप से काम करते हैं। चीनी उद्योग एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां क्रशिंग दक्षता, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति और गन्ने की गुणवत्ता से जुड़े निर्णय अब केवल अनुभव या अनुमान पर आधारित नहीं हो सकते। स्टोमाटा लैब्स के माध्यम से हमारा प्रयास इस इंटेलिजेंस को सीधे उन लोगों तक पहुंचाना है जो प्रतिदिन इन संचालन को संभालते हैं।”
कृषि और औद्योगिक संचालन में अपने कार्य के माध्यम से, फाइंडेबिलिटी साइंसेज पूरे वैल्यू चेन में इंटेलिजेंस लाने में मदद कर रही है, जिससे गन्ने की गुणवत्ता की बेहतर दृश्यता, उत्पादन दक्षता, संचालन स्थिरता और ऊर्जा प्रदर्शन में सुधार हो रहा है। कंपनी ने स्टोमाटा लैब्स को एक समर्पित एग्री एआई डिवीजन के रूप में स्थापित किया है, जो वैश्विक चीनी वैल्यू चेन के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है, और इसका प्रभाव पहले ही प्रदर्शित हो चुका है।
लैटिन अमेरिका के प्रमुख चीनी उत्पादकों में से एक, ग्रुपो पेंटालियन के साथ सफल साझेदारी के माध्यम से, स्टोमाटा लैब्स ने कृषि, फैक्ट्री संचालन और व्यावसायिक निर्णयों में एआई-आधारित समाधान लागू किए हैं, जिससे खेत से फैक्ट्री तक ठोस सुधार हासिल हुए हैं। यह सहयोग इस बात का प्रमाण है कि एप्लाइड एआई बड़े पैमाने पर चीनी संचालन को कैसे रूपांतरित कर सकता है, और अब फाइंडेबिलिटी साइंसेज इसी क्षमता को भारतीय बाजार में ला रही है।
फाइंडेबिलिटी साइंसेज की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राधिका कृष्णास्वामी ने कहा, “चीनी, एथेनॉल और बायोएनर्जी क्षेत्र आज भारत में एप्लाइड एआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है। खेत स्तर पर उत्पादन की समझ से लेकर फैक्ट्री स्तर पर प्रक्रिया अनुकूलन और ऊर्जा प्रबंधन तक, पूरी वैल्यू चेन डेटा-आधारित निर्णयों से लाभान्वित हो सकती है। SEIC 2026 इस संवाद को उद्योग के प्रमुख हितधारकों के साथ आगे बढ़ाने के लिए एक उपयुक्त मंच है।”
फाइंडेबिलिटी साइंसेज की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर कविता जी. राव ने कहा, “SEIC 2026 जैसी साझेदारियां केवल दृश्यता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उस उद्योग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो बड़े पैमाने पर तकनीक अपनाने के लिए तैयार है। भारत में चीनी उद्योग का दृष्टिकोण अब मात्रा से मूल्य की ओर बदल रहा है, और इस परिवर्तन में एआई की भूमिका केंद्रीय है। हम इस साझेदारी को उन नेताओं तक यह संदेश पहुंचाने के एक माध्यम के रूप में देखते हैं, जो उद्योग के भविष्य को आकार देंगे।”
जैसे-जैसे भारत एथेनॉल मिश्रण, बायोएनर्जी विस्तार और सतत औद्योगिक विकास पर अपना ध्यान और गहरा कर रहा है, एआई कृषि, विनिर्माण और ऊर्जा प्रणालियों में बेहतर निर्णय लेने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
